रोगों के भी होते है अंक


अंक ज्ञान से हर तरह के मामले की भविष्वाणी की जा सकती है, लेकिन इसका गहरा संबंध स्वास्थ्य से भी है। शरीर के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों के सही माप के साथ-साथ उन अंकों की जानकारी होना भी जरूरी है,जो स्वस्थ रहने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस अंक को उसके उसी स्तर तक बनाए रखना क्यों जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल नंबर 5:
देखा जाए,तो शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 5 एमएमओएल/एल से अधिक नहीं होना चाहिए। एमएमओएल/एल स्वास्थ्य को मापने की इकाई है। यदि किसी को दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक है,तो ज्यादा से ज्यादा 5 नंबर सुरक्षित माना जाता है। भारतीयों में यह स्तर औसतन 5.7 से 6.0 होता है, जो कि अधिक माना जाता है। जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल बहुत अधिक बढ जाता है। तो यह धमकियों की दीवारों में जमा हो जाता है। इससे दिल का दौरा का खतरा बढ जाता है।
कमर 32: 
यदि कमर का साइज 32 इंच से अधिक होने पर ऐसा  समझा जाता है कि कमर पर चरबी  चढ़ गयी है। यह  उस हिस्से के अंगों जैसे लिवर के लिए अच्छा नहीं समझा जाता। इस तरह के अंगों पर चरबी चढ़ने से उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और इनमें से  निकलने वाले रसायन  शरीर के इंसुलिन सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे टाइप 2 डाइबिटीज होने को खतरा बढ़ सकता है।
 हड्डियों का घनत्व 0-1.5: 
यदि हड्डियों का घनत्व 0 से-1.5 के बीच है, तो यह सामान्य है। अगर यह -1.5 से -2.1 के बीच है, तो इसका अर्थ है कि ऑस्टियोपीनिया है। यानि कि हड्डियों का घनत्व औसत से कम होने पर जीवनशैली में सुधार लाने की जरूरत होती है। इससे हड्डिया ऑस्टियोपोरोसिस की शिकार होती है। ऑस्टियोपोरिसिस से फरैक्चर होने का खतरा बढ सकता है
दिल की धडकन (62-85)का होनाः
दिल की धड़कन भी आपके स्वास्थ्य का हाल बताती है। आराम करते समय दिल की धड़कन के 90 बीपीएम ,बीट्स/मिनट से अधिक होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ सकता है, लेकिन 62से 85 के बीच के अंक को सामान्य समझा जाता है। ब्लड पे्रशर,कोलेस्ट्रॉल का स्तर, वजन और फिटनेस आदि सभी इसके महत्वपूर्ण कारण माने जाते हैं।
ब्लड शुगर का अंक-6.1:
यदि फास्टिंग में ब्लड-ग्लूकोज ,शुगर का स्तर 109 एमजी यानी 6.1 एमएमओएल/एल से अधिक चला जाता है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपका शरीर ग्लूकोज़ को ऊर्जा में परिवर्तित नहीं कर रहा है, जैसा कि इसे करना चाहिए।  यह इस बात का सूचक है कि डाइबिटीज होने का खतरा बढ़ गया है,जो कि 125 एमजी यानी 7 एमएमओएलध्एल के बीच है, तो इसे आईजीटी या इंपेयर्ड ग्लूकोज टोलरेंस कहते हैं। जिसका अर्थ है कि दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा थोड़ा ज्यादा बढ़ गया है।
ब्लड प्रेशर का अंक 140/85:  
ब्लड प्रेशर 140/85 से अधिक नहीं होना चाहिए। अगर इसकी की रीडिंग इससे कम आए, तो दिल की बीमारियां व स्ट्रोक होने का खतरा कम होता है। यदि किसी को हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल की बीमारी या डाइबिटीज है, तो इससे गुरदे की बीमारी, डिमेंशियां और आंखों की समस्याएं हो सकती हैं.

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