छोटे ब्रेस्ट का आकार बढ़ाये करे ये उपचार ....!



* कई युवतियों के लिये छोटे ब्रेस्ट का आकार उनके लिये अत्यंत मायने रखता है। जब कोई युवती माडलिंग आदि जैसे व्यवसाय आदि से जुड़ना चाहती है तो उसके लिये शारीरिक सौन्दर्य का बड़ा अंश उसके ब्रेस्‍ट पर भी आधारित रहता है। व्रेस्ट का आकार यदि देह के अनुपात में है तो सचमुच उसकी सुन्दरता में चांद लग जाते हैं। कई बार जिन युवतियों के जल्दी-जल्दी बच्चे होते रहते हैं उनके ब्रेस्ट भी ढीले होकर ढलक जाते हैं जो कि उनके सौंदर्य को प्रभावित करते हैं।


* वक्ष एक ऎसा अंग है जो कि महिला की सुदंर में चार चांद लगती है। सदियों से महिलायें अपने वक्ष की खूबसूरती को लेकर जागरूक रही हैं।

* जिन महिलाओं में स्तन का आकार छोटा होता है अधिकतर वे बहुत कुंठित रहती है। कुदरत के नियम के अनुसार स्तन महिला को एक देन है। वहीं आजकल लडकियां स्तनों का मनचाहा आकार पाने के लिए ब्रेस्ट एंलार्जमेंट सर्जरी का सहारा लेने से भी नहीं चूक रही हैं। छोटे स्तन वाली महिलाएं ही सर्जरी के द्वारा ब्रेस्ट एंलार्जमेंट का ऑप्शन चुनती थीं। लेकिन टाइम के साथ धीरे-धीरे इसमें काफी बदलाव आया है। ब्रेस्ट एंलार्जमेंट सर्जरी के मामले में प्रत्येक महिला की स्थिति अलग-अलग होती है। जैसे कि गर्भ धारण के बाद के स्तनों और कैंसरग्रस्त स्तनों की पुनर्रचना आदि कुछ ऎसे कारण हैं, जिनसे स्त्री का रूप-रंग खराब दिखता है। ऎसे में स्त्री के स्तनों का आकार और स्वरूप को सुरक्षित और कारगर तरीके से ठीक करने के लिए सिलिकॉन जेल आरोपण सबसे बढियां साधन है।

* हार्मोनल असंतुलन एक आम वजह है जिसकी वजह से स्‍तन का आकार छोटा रहता है। महिला के शरीर में अत्यधिक टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन स्‍तन को बढ़ने से रोक देता है। इसी टेस्‍टोस्‍टेरोन के उत्‍पादन को कम करने के लिये आपको फल और सब्‍जियां खानी चाहिये। साबुत अनाज जैसे, जौ, ब्राउन राइस और जई खाने से ब्रेस्‍ट का आकार बढ़ जाता है।

* चिकन में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है, इसलिये अपनी डाइट में चिकन का प्रयोग करें और आप देखेंगी की कुछ ही दिनों में आपका ब्रेस्‍ट बढ जाएगा।

*डेयरी प्रोडक्‍ट जैसे, दूध, दही और पनीर में एस्‍ट्रोजन अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसलिये आप इन्‍हें भी अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

* छोला, काला राजमा, लाल राजमा, मटर, सेम और मसूर में भी अत्‍यधिक मात्रा में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है। तो इन्‍हें अपने आहार में जरुर से जररु शामिल करें।

* हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां जिसमें प्रोटीन और विटामिन अधिक मात्रा में पाया जाता है, उन्‍हें खाने से ब्रेस्‍ट की कोशिकाओं का विकास होता है। चुकंदर, गोभी, फूलगोभी, फलियां, गाजर, प्याज, ककड़ी और कद्दू खाने से प्रोटीन मिलता है जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बिल्‍कुल प्राकृतिक तरीके से बढता है।

* अंडा, प्रोटीन शेक, मछली , मीट और दूध में भी प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसे भी खाने से ब्रेस्‍ट साइज बढता है।

* चैरी, स्‍ट्रॉबेरी और जामून में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है। इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कीजिये। 8. ब्रोमाइन और मैगनीशियम शरीर में सेक्‍स हार्मोन बढाने का कार्य करते हैं। सेब, बादाम, भुट्टा, अदरक, लहसुन, प्रॉन, ब्राउन राइस और अखरोठ में ब्रोमाइन और मैगनीशियम पाया जाता है। इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कीजिये और प्राकृतिक तरीके से अपने ब्रेस्‍ट को बढते हुए पाइये।

* जितना हो सके अपनी दिनचर्या में कैफीन, कार्बोनेटेड ड्रिंक, नमकीन और जंक फूड का कम से कम इस्‍तमाल करें। इसके अलावा रोजाना ढेर सारा पानी पीजिये। साथ ही बस्‍ट साइज बढाने के लिये तिल का बीच खाइये।

* हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट पिल- यह सबसे ज्‍यादा इस्‍तमाल की जाने वाली प्राकृतिक जड़ी- बूटी है जो ब्रेस्‍ट के साइज को बढाती है। इस जड़ी बूटी में मेथी, सौंफ, दामियाना आदि जैसे अनेक हर्ब होते हैं। यह दवाई अपना असर तब से दिखाना शुरु कर देती है जब लड़की यौवन में कदम रख देती है। यह दवा अपना असर 2-3 महीने के भीतर ही दिखाने लगती है।

* हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट लोशन- अगर आप ऊपर दी हुई दवाएं ले रहीं हैं तों इसके साथ यह लोशन-क्रीम भी लगा सकती हैं। इस क्रीम में भी कई प्रकार की जड़ी-बूटियां शामिल होने के साथ-साथ कुछ हल्‍के केमिकल्‍स भी मौजूद हैं। यह केमिकल्‍स ब्रेस्‍ट में फैट सेल का विकास करते हैं जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बड़ा हो जाता है। अगर आपको अपने स्‍तनों में अंतर चाहिये तो इस लोशन से मसाज करें।

* व्‍यायाम- यह तरीका ब्रेस्‍ट साइज बढाने का सबसे सस्‍ता और प्राकृतिक इलाज है। अगर आपको अपने ब्रेस्‍ट साइज बढाने हैं तो अच्‍छा होगा कि आप अभी से ही पुश अप करना शुरु कर दें। पर हां, इसको करने के लिए आपको पूरी लगन दिखानी होगी वरना आपका यह व्‍यायाम करना बेकार होगा।

* जाने कुछ आयुर्वेदिक उपाय जो समस्या से मुक्ति दिलाने में सफल रहे हैं-

* ब्रेस्ट का आकार बढ़ाने के मोदक:--
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* असगंध नागौरी ५०० ग्राम + सोंठ २५० ग्राम + पीपर १२५ ग्राम लेकर बारीक पीस लें। अब शुद्ध शहद २ किलो+ गाय का घी ५०० ग्राम + भैंस का दूध ५ किलो और मिश्री ५०० ग्राम लेकर कढ़ाही में धीमी आंच पर पकाएं। जब खोवा जैसा बनने लगे तो ऊपर से कहे गये तीनों चूर्णों का मिश्रण मिला दें और हल्के हाथ से चलाते हुए भून लें। जब सुगंध आने लगे तो उसमें लौंग १० ग्राम + तज १० ग्राम + काली मिर्च १० ग्राम + छोटी इलायची १० ग्राम का बारीक चूर्ण मिलाएं और लगभग बीस-बीस ग्राम वजन के लड्डू हाथ से बांध लें। चार से छह माह तक इनमें से एक-एक लड्डू सुबह-शाम दूध से खाने से ढीले हो चुके ब्रेस्ट विकसित हो जाते हैं और साथ ही शरीर के प्रदर, अशक्ति, कमरदर्द आदि रोग भी नष्ट हो जाते है।

* ब्रेस्ट का आकार बढ़ाने वाला तेल: जैतून का तेल १०० मिली + कड़वे बादाम का तेल १०० मिली + काशीशादि तेल १०० मिली लेकर ब्रेस्ट की हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें। इस तेल के प्रभाव के आने में दो से तीन माह लग जाते हैं लेकिन बहुत दिनों तक स्थायी रहने वाला प्रभाव मिलता है।

मुरझाये हुए नव जवानो के के लिए एक प्रयोग ......!



* आपने देखा होगा, नौ-जवान भी मुरझाये मुरझाये रहते हैं....!

* आदमी ओरत दोनो के लिए समान रुप से लाभकारी कोशिश करेँ दूध के साथ ले ना मिले तो गर्म पानी के साथ भी ले सकते हे कोई खास परहेज नहीँ 

* थकावट, उच्च-रक्तचाप, मानसिक चिंताएं, कमज़ोरी, अलसायापन, आलस, कांतिहीन चेहरा, फूला हुआ शरीर परन्तु जान नहीं, पैदल चल नहीं सकते, और जो मित्र विवाहित हैं, वो शारीरिक कमज़ोरी महसूस करते हैं, दाम्पत्य- जीवन का आनंद पूर्ण रूप से नहीं ले पाते, बस यूँ मानिये कि किसी तरह से समझौता किये जा रहे हैं, ये प्रयोग उनके लिए राम-बाण है!

* आप एक बार प्रयोग किये! फिर बताइये!


* किसी भी औषधि विक्रेता से आप सौ ग्राम बडे गोखरू ले लीजिये, दस से बीस रपये के बीच मिल जायेंगे, यदि न मिलें तो ये गाँव इत्यादि में भरपूर रूप से मिलते हैं, बस वो सुखाने पड़ेंगे, वैसे औषधि विक्रेता से मिल जायेंगे अवश्य ही! अब आप
इन सौ ग्राम गोखरू को साफ़ कर लें, झाड़ लें कपडे से, ताकि मिट्टी न बचे, आप धो भी सकते हैं, अब इनको पीस लीजिये, चाहे तो मिक्सर में ही पीस लीजिये, जब बारीक चूर्ण की तरह से हो जाएँ, तो एक तवे पर चार चम्मच चायवाले भरकर
देसी घी खौला लीजिये, और इन पिसे हुए गोखरू में डाल लीजिये, जब घी ठंडा हो जाए तो अब इस घी को मिला लीजिये इस चूर्ण में, और किसी डिब्बे में रख लीजिये, अब रोज रात को आधा चम्मच ये लीजिये, और आधा कप गुनगुने दूध के साथ इसका सेवन करें, सोने से पहले, एक हफ्ते में अपनी रंगत और ताक़त देखिये! दाम्पत्य जीवन में जो लम्हों का होता था, अब दस गुना बढ़ जाएगा! शरीर में ताक़त, चेहरे में कांति, अलसायापन ख़तम, स्फूर्ति, चुस्ती और चहकने लगोगे! उम्र भले ही कोई हो! करके देखिये! ये वाजीकारक का एक अहम् नुस्खा है! लाभ मिले
तो धन्यवाद कहिये!!

बिना नागा, अर्थात कोई भी दिन खाली न जाए! अब चाहे व्रत हो अथवा स्वास्थय ही खराब हो!

केवल रात को ही ले जब तक आप का दिल करे तब तक सेवन करेँ...!

* गोखरू का फल कांटेदार होता है और औषधि के रूप में काम आता है। बारिश के मौसम में यह हर जगह पर पाया जाता है। नपुंसकता रोग में गोखरू के लगभग 10 ग्राम बीजों के चूर्ण में इतने ही काले तिल मिलाकर 250 ग्राम दूध में डालकर आग पर पका लें। पकने पर इसके खीर की तरह गाढ़ा हो जाने पर इसमें 25 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए। इसका सेवन नियमित रूप से करने से नपुसंकता रोग में बहुत ही लाभ होता है।

इसके अलावा गोखरू का चूर्ण, आंवले का चूर्ण, नीम और गिलोय को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। इस बने हुए चूर्ण को रसायन चूर्ण कहा जाता है। इस चूर्ण को रोजाना 3 बार 1-1 चम्मच की मात्रा में दूध या ताजे पानी के साथ लेने से नपुंसकता, संभोग करने की इच्छा न करना, वीर्य की कमी होना, प्रमेह, प्रदर और मूत्रकृच्छ जैसे रोगों में लाभ होता है।

फल और सब्जियां हमारी त्वचा को को कैसे निखार सकते हैं इनके कुछ उपाय हैं....!



* टमाटर के गुदे और दहीं दोनों को बराबर मात्रा में मिलकर पेस्ट तैयार कर लें|इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर लगाएं|सूखने पर पानी से धो लें|इससे रंग साफ़ होगा|ये नुस्खा कील-मुहांसे के लिए भी फायदेमंद हैं|

* पुदीना गर्मियों में अक्सर लोगों को हथेलियों और तलवों में जलन की शिकायत रहती है|पुदीना ठंडक का अच्चा स्रोत है|आराम मिलेगा|इसी तरह इस पेस्ट को चेहरे पर भी लगाया जा सकता है|गर्मियों में ये चेहरे को ताजगी और ठंडक प्रदान करेगा|

* आटे का चोकर या सूजी..चेहरे या हाथ पैरों की स्क्रबिंग के लिए आते का चोकर और सूजी अच्चा विकल्प है|इन्हें दहीं या मलाई में मिलकर लगाएं|तैलिये त्वचा वाले छाछ और रुखी त्वचा वाले मलाई का प्रयोग करें|घर का बना ये स्क्रब त्वचा से ब्लैक हेड्स निकलने में मदद करेगा|

* संतरे में विटामिन सी होता है|इसे खाने से त्वचा स्वस्थ रहती है|इसके छिलकों को छाया में सुखाकर पावडर बना लेंऔर इसके उबटन को चेहरे पर लगाएं|इससे मृत कोशिकाएं निकलेंगी|

* मुलायम त्वचा के लिए शहद और निम्बू का रस मिलकर लगाएं|इससे न सिर्फ त्वचा कोमल होगी बल्कि चेहरे पर चमक और रंग भी निखर जायेगा|ध्यान रहे,निम्बू की मात्रा ज्यादा न हो कभी कभी शहद की जगह निम्बू में मलाई की मात्र बड़ा सकते हैं|

* खीरे को पीसकर चेहरे व गर्दन पर लगाएं|सूखने पर धो लें|ठंडक प्रदान करेगा|

* अनार का जूस निकालकर बोतल में भरकर रख लें|इसका रस गर्मियों में टोनिंग,क्लीनिंग,त्वचा के रोमछिद्र खोलने में मददगार साबित होगा|इसका प्रयोग स्प्रे के माध्यम से भी कर सकते हैं|

* जिनकी त्वचा तैलिए है वो ध्यान रखें की चेहरे पर कुछ भी लगाने के बाद ज्यादा रगडें नहीं|ऐसा करने से त्वचा खरोंच पड सकते हैं|

लीवर हार्ट शुगर ...सभी के लिए है मकोय (रसभरी ) ....!


* मकोय (BLACK NIGHT OR NIGHT SHADE) को काकमाची और भटकोइंया भी कहते हैं। यह एक छोटा-सा पौधा है जो भारतवर्ष के छाया-युक्त स्थानों में हमेशा पाया जाता हैं। मकोय में पूरे वर्ष फूल और फल देखे जा सकते हैं। मकोय में शाखायुक्त एक-डेड़ फुट तक उँची, तथा शाखाओं पर उभरी हुई रेखाएं होती हैं। इसके पत्तें हरें, अंडाकर या आयताकार, दन्तुर या खण्डित, 2-3 इंच लम्बे, एक-डेड़ इंच तक चौड़े होते हैं। फूल छोटे, सफेद वर्ण (रंग) बहिकक्षीय फूल दंडों पर 3 से 8 के गुच्छों मे नीचे झुके होते हैं। मकोय का फल छोटे, चिकना गोलाकार अपरिक्व अवस्था में हरे रंग के और पकने पर नीले या बैंगनी रंग के, कभी-कभी पीले या लाल होते हैं। बीज छोटे, चिकने, पीले रंग के, बैगन के बीजों की तरह होते है परन्तु बैंगन के बीजों से बहुत छोटे होते हैं। पकने पर फल मीठे लगते हैं।

* मकोय (रसभरी) ....यह हर जगह अपने आप ही उग जाती है। सर्दियों में इसके नन्हे नन्हे लाल लाल फल बहुत अच्छे लगते हैं ।ये फल बहुत स्वादिष्ट होते हैं और लाभदायक भी।इसके फल जामुनी रंग के या हलके पीले -लाल रंग के होते हैं ।

*  आजकल मकोय के फलों का मौसम चल रहा है।मौसमी फलों का सेवन अवश्य करना चाहिए।

* शहद मकोय के गुणों को सुरक्षित रख कर दोषों को दूर करता है।

* मकोय के फल सवेरे सवेरे खाली पेट खाने से अपच की बीमारी ठीक होती है।

* यह वात , पित्त और कफ नाशक होता है।

* यह सूजन और दर्द को दूर करता है।

* शुगर की बीमारी हो या फिर कमजोरी हो तो मकोय के सूखे बीजों का पावडर एक एक चम्मच सवेरे शाम लें . 

* किडनी की बीमारी हों तो 10-15 दिन लगातार इसकी सब्जी खाइए . इसके 10 ग्राम सूखे पंचांग का 200 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर पीयें .

* बुढापे में हृदय गति कम हो जाए तो इसके 10 ग्राम पंचांग का काढ़ा पीयें । हृदय की किसी भी प्रकार की बीमारी के लिए 5 ग्राम मकोय का पंचांग और 5 ग्राम अर्जुन की छाल ; दोनों को मिलाकर 400 ग्राम पानी में पकाएँ । जब एक चौथाई रह जाए तो पी लें ।

* लीवर ठीक नहीं है , पेट खराब है , आँतों में infection है , spleen बढ़ी हुई है या फिर पेट में पानी भर गया है ; सभी का इलाज है मकोय की सब्जी . रोज़ इसकी सब्जी खाएं । या फिर इसके 10 ग्राम पंचांग का काढ़ा पीयें ।
मकोय की पत्तियों व कच्ची टहनियों की सब्जी बनाकर खाए या मकोय के पंचांग को उबल कर काढ़ा बनाकर सेवन करे। 

* पीलिया होने पर इसके पत्तों का रस 2-4 चम्मच पानी मिलाकर ले लें ।

* अगर नींद न आये तो इसकी 10 ग्राम जड़ का काढ़ा लें । अगर साथ में गुड भी मिला लें तो नींद तो अच्छी आयेगी ही साथ ही सवेरे पेट भी अच्छे से साफ़ होगा ।

* त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ भी इसके नित्य प्रयोग से ठीक होती हैं । यह सर्दी -खांसी , श्वास के रोग , हिचकी आदि को ठीक करता है।