किसी का काम न बन रहा हो ? बाधाये आ रही हो ? विलम्ब हो रहा हो ? असफलता मिल रही हो ? लाख प्रयत्न
करने पर भी रोजगार ठीक न हो रहा हो तो यह उपाय जरूर करे ।
शहर के बाहर एक ऐसा चौराहा देखे जहा आना जाना कम रहता हो ।
दोपहर 12 बजे या रात को ठीक 12 बजे वहा कुछ सामग्री रखनी होती है और ध्यान यह रखा जाता है की कोई
देखे नहीं और न टोके । घर से वहा तक जाते हुए व वापिस आते समय भी कोई न टोके । वापसी मे
जब तक चौराहा दिखाई देता रहे मुड़कर नहीं देखना है । सामग्री का प्रबंध करते समय भी कोई बतायी टोका-टाकी न हो । मै इस लिए आप से यह बात कह रहा हु की जब कोई प्रयॊग करे तो पूरे आत्म विश्वास से करे । किन्तु हमारी मनः इस्तथि मजबूत होनी चाहिए । शनिवार के दिन आप को जब यह प्रयॊग करना हो उस से पहले स्नान आदि कर साफ़ कपडे पहन ले । अपने पूजा मंदिर मे आकर गणेश एवं गुरु का पूजन कर
सफलता की प्रार्थना कर उठ जाए । अब आप आटे मे गुड मिलाकर घोल बना ले और सरसों के तेल मे सात पुए बनाले । सात पुष्प मदार (आक) के लो । एक पत्ता अरण्डी का लेकर उस पर पुयॆ, मदार पुष्प, कुछ सिन्दूर, एक आटे का दीपक जिसमे रुई की बत्ती घी मे भीगी लगी हो पत्ते पर सजा ले और चौराहे के पास पहुच कर नंगे पाँव हो ले ।
अब इस सब सामान को चौराहे पर रखकर वहा दीपक जला ले और दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करे (हे मेरे दुर्भाग्य तुझे यही छोड़े जाता हु मेरा पीछा मत करना) और अपनी प्रार्थना कामना बोल कर सब सामान को चौराहे पर रखकर वापिस आ जाए । मुडकर मत देखना । शीघ्र ही बाधा दूर हो कर कार्य सफल होगा । पुनः आप लोगो से निवेदन करता हु डरे नहीं इसमे डरने की कोई बात नहीं है ॥
करने पर भी रोजगार ठीक न हो रहा हो तो यह उपाय जरूर करे ।
शहर के बाहर एक ऐसा चौराहा देखे जहा आना जाना कम रहता हो ।
दोपहर 12 बजे या रात को ठीक 12 बजे वहा कुछ सामग्री रखनी होती है और ध्यान यह रखा जाता है की कोई
देखे नहीं और न टोके । घर से वहा तक जाते हुए व वापिस आते समय भी कोई न टोके । वापसी मे
जब तक चौराहा दिखाई देता रहे मुड़कर नहीं देखना है । सामग्री का प्रबंध करते समय भी कोई बतायी टोका-टाकी न हो । मै इस लिए आप से यह बात कह रहा हु की जब कोई प्रयॊग करे तो पूरे आत्म विश्वास से करे । किन्तु हमारी मनः इस्तथि मजबूत होनी चाहिए । शनिवार के दिन आप को जब यह प्रयॊग करना हो उस से पहले स्नान आदि कर साफ़ कपडे पहन ले । अपने पूजा मंदिर मे आकर गणेश एवं गुरु का पूजन कर
सफलता की प्रार्थना कर उठ जाए । अब आप आटे मे गुड मिलाकर घोल बना ले और सरसों के तेल मे सात पुए बनाले । सात पुष्प मदार (आक) के लो । एक पत्ता अरण्डी का लेकर उस पर पुयॆ, मदार पुष्प, कुछ सिन्दूर, एक आटे का दीपक जिसमे रुई की बत्ती घी मे भीगी लगी हो पत्ते पर सजा ले और चौराहे के पास पहुच कर नंगे पाँव हो ले ।
अब इस सब सामान को चौराहे पर रखकर वहा दीपक जला ले और दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना करे (हे मेरे दुर्भाग्य तुझे यही छोड़े जाता हु मेरा पीछा मत करना) और अपनी प्रार्थना कामना बोल कर सब सामान को चौराहे पर रखकर वापिस आ जाए । मुडकर मत देखना । शीघ्र ही बाधा दूर हो कर कार्य सफल होगा । पुनः आप लोगो से निवेदन करता हु डरे नहीं इसमे डरने की कोई बात नहीं है ॥
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