बाँधू इंद्र को, बाँधू तार । बाँधू बाँधू लोहे की धारा ।
उठे इंद्र बोले बाबा । सुख साख धूनी हो जाय ।
तन उपर फेँकी, कङे होय सूत मेँ तो बंधन बाँध्यो,
सास ससुर जाया पूत । मन बाँधू, मंत्र बाँधू विद्या के साथ ।
चार खूँट फिर आये फलानि फलाने के साथ ।
Note :- स्त्री को मोहित करना है तो फलानि फलाने के साथ नहीँ तो पुरुष के लिए फलाना फलानि के साथ।
विधि :- यदि कामिनी को मोहित करना हो तो शनिवार को उसके बाँये पैर के नीचे कि मिट्टी लाए और पुरुष आकर्षित करना हो तो दायेँ पैर के नीचे की मिट्टि ले आओ। उस मिट्टी से मिलती जुलती प्रतिमा बना लो।
अब आधी रात को नंगे होकर उपर दिए गये मंत्र से पुजन और धूप दीप करो। एक घंटे तक मंत्र जप करके फिर
एक कच्चे सूत से मंत्र जप करते हुए उप पुतली को बांध देँ, और उसको छुपा कर रख देँ। और अब चमत्कार देखेँ।
उठे इंद्र बोले बाबा । सुख साख धूनी हो जाय ।
तन उपर फेँकी, कङे होय सूत मेँ तो बंधन बाँध्यो,
सास ससुर जाया पूत । मन बाँधू, मंत्र बाँधू विद्या के साथ ।
चार खूँट फिर आये फलानि फलाने के साथ ।
Note :- स्त्री को मोहित करना है तो फलानि फलाने के साथ नहीँ तो पुरुष के लिए फलाना फलानि के साथ।
विधि :- यदि कामिनी को मोहित करना हो तो शनिवार को उसके बाँये पैर के नीचे कि मिट्टी लाए और पुरुष आकर्षित करना हो तो दायेँ पैर के नीचे की मिट्टि ले आओ। उस मिट्टी से मिलती जुलती प्रतिमा बना लो।
अब आधी रात को नंगे होकर उपर दिए गये मंत्र से पुजन और धूप दीप करो। एक घंटे तक मंत्र जप करके फिर
एक कच्चे सूत से मंत्र जप करते हुए उप पुतली को बांध देँ, और उसको छुपा कर रख देँ। और अब चमत्कार देखेँ।
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