बड़ी तोंद नहीं चाहते हैं तो नमक कम खाइए....!



* बढ़ते मोटापे से देश में सभी परेशान हैं। जिसे देखो बाहर निकले पेट से परेशान है। पेट का बाहर निकल आना न सिर्फ भद्दा लगता है, बल्कि कई बीमारियों को न्यौता देने वाला भी साबित हो सकता है। लेकिन, अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। वैज्ञानिकों ने इसका उपाय खोज लिया है। एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, प्रतिदिन अपने भोजन में नमक की मात्रा घटाकर और पोटैशियम से भरपूर फाइबर युक्त भोजन खाकर हम तोंद से बच सकते हैं।

* अमेरिका के वॉशिंगटन में डाइजेस्टिव सेंटर की स्थापना करने वाले गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट रॉबिन चुटकन ने अपनी नई पुस्तक में कहा है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में तोंद निकलने की शिकायत अधिक होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि औरतों के आंत की लंबाई अधिक होती है।

* वेबसाइट फीमेलफस्र्ट डॉट को डॉट यूके के अनुसार, चुटकन ने अपनी इस नई पुस्तक में बताया है कि महिलाओं एवं पुरुषों के पाचन तंत्र में कुछ मूल अंतर होते हैं। इसलिए पेट को निकलने से बचाने के लिए कुछ परहेज बरते जाने चाहिए।
नमक कम खाएंः भोजन में नमक का अधिक प्रयोग करने से भी पेट फूल सकता है। एक दिन में अधिकतम 1,500 मिलीग्राम नमक ही खाना चाहिए।

* अधिकतर रेशेयुक्त भोजन लेंः घुलनशील एवं अघुलनशील रेशेयुक्त भोजन की मिश्रित मात्रा का प्रयोग करना चुस्त-दुरुस्त एवं छरहरा रहने का सबसे अच्छा तरीका है। पेट के अत्यधिक भरे होने से बचें, क्योंकि इससे कब्ज होती है।

* पोटैशियम से भरपूर भोजन लेंः सोडियम चूंकि शरीर में जल के स्तर को बनाए रखता है, वहीं पोटैशियम अतिरिक्त जल से निजात दिलाने में मददगार होता है। केले और शकरकंद जैसे पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ का सेवन करने से कमर के मध्य हिस्से को पतला करने में मदद मिलती है।

* शरीर में पानी की मात्रा बरकरार रखेंः पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने से भोजन के रेशे अपना कार्य कहीं बेहतर तरीके से कर पाते हैं और कब्ज की शिकायत को दूर रखते हैं।

* पाचन के तनाव से बचेंः ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो पचने में मुश्किल हों, जैसे चीनी या वसायुक्त खाद्य पदार्थ।

* कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों से बचेंः फ्लेवर्ड पेय पदार्थों, कम कार्बाेहाइड्रेट वाले एवं चीनी रहित खाद्य पदार्थों को हमारा शरीर आसानी से नहीं पचा पाता। बड़ी आंत में पाए जाने वाले जीवाणु उन्हें फर्मेंट करने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण पेट में गैस बनती है और पेट फूल जाता है।

केले खाने के 10 फायदे है ....!



* केला दिखने में भले ही एक साधारण फल लगे, लेकिन यह सेहत की दृष्टि से बहुत फायदेमंद है। इसमें छुपी खूबियों को पढऩे के बाद आप फिर कभी केले को एक ही नजरिए से नहीं देखेंगे। एक केला निरंतर ऊर्जा को बढ़ाता है। केले में तीन प्राकृतिक शुगर पाए जाते हैं- सूक्रोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज।

* कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि सिर्फ दो केले का सेवन करने से आप 90 मिनट तक पर्याप्त ऊर्जावान रह सकते हैं। इस बात का पता इससे लगता है कि विश्व के प्रमुख खिलाडय़ों की डाइट में केला नंबर एक फल है।

* केले से हमें सिर्फ ऊर्जा ही नहीं मिलती, ये फिट रखने में हमें मदद करता है। कई बीमारियों से उबरने में केला काफी मददगार है। रोजाना इसका सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है।

* तनाव में रहने वाले लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि केले का सेवन करने वालों ने इसके बाद काफी राहत महसूस की। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि केले में ट्रिप्टोफान होता है। यह एक प्रकार का प्रोटीन है जो बॉडी को सेरोटोनिन में परिवर्तित कर देता है। सेरोटोनिन मानसिक तनावों से राहत देने, मूड में सुधार और खुश रखने के लिए जाना जाता है।

* विटामिन की गोलियों को भूल जाएं, क्योंकि केले खाने से विटामिन-बी6 की प्राप्ति होती है, जो ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण करने में सहायता करती है।

* यह एक ऐसा फल है, जिसमें पोटेशियम बहुत अधिक होता है और नमक कम, इसलिए यह ब्लडप्रेशर के लिए एकदम सही है। अमेरिकी फूड एंड औषधि प्रशासन द्वारा केले की क्षमता को देखते हुए ...

* कब्जरू केले में फाइबर की अधिकता के कारण यह कब्ज में लाभदायक माना जाता है। केले का शेक पेट को ठंडक पहुंचाता है। 

* यह ब्लड में शुगर के लेवल को भी नियंत्रित करता है।

* इंग्लैंड के ट्विकेनहैम स्कूल में 200 छात्रों ने ब्रेकफॉस्ट, ब्रेक और दोपहर के भोजन में केले को शामिल किया तो पाया गया कि उनका ब्रेन पॉवर पहले की अपेक्षा बढ़ा है। रिसर्च बताता है कि पोटेशियम से भरपूर इस फल को खाने से छात्र पढ़ाई में अधिक सर्तक दिखाई दिए।

* प्रेग्नेंसी में लाभकारीः प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा विटामिन व मिनरल्स की आवश्यकता होती है। प्रेग्नेंट महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी डाइट में केला अवश्य शामिल करें। यह बॉडी को ऊर्जा देता है और आसानी से पच भी जाता है।

* नशे में फायदेमंदः मिल्कसेक या शहद के साथ केले का सेवन करने से हैंगओवर से उबरने में सहायता मिलती है। केला मैग्नेशियम का अच्छा स्रोत है, इसलिए यह बहुत जल्दी पच जाता है और आपके मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है।

* केले में नेचुरल एंटाएसिड पाया जाता है, इसलिए यदि आप ईष्र्या से ग्रस्त हैं तो केला खाने की कोशिश करें इससे आपकोराहत मिलेगी।

* मॉर्निग कमजोरीः कई लोगों को सुबह उठने पर थकान महसूस होती है या आलस आता है तो दोपहर के खाने में केले को शामिल करें। इससे ब्लड प्रेशर का स्तर सामान्य रहता है और सुबह के वक्त कमजोरी महसूस नहीं होती।

* नर्वसरू केले में विटामिन-बी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो नर्वस सिस्टम को सहायता प्रदान करता है। ऑस्ट्रिया में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि काम के दौरान लोग चॉकलेट और चिप्स का सेवन करते रहते हैं, जिससे वे वजन बढऩे की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं।

माहवारी (मासिक धर्म) के सभी दोषों को दूर करना.....!


* माताओं -बहनो को #मासिक धर्म (Periods) से सबन्धित समस्याएँ होना साधारण बात है अक्सर माहवारी की अनियमिता हो जाती है ,अर्थात कई बार रक्तस्त्राव बहुत अधिक हो जाता है और कई बार क्या होता है बिलकुल ही नहीं होता ! और कभी कभी ऐसा भी होता है की ये 2-3 दिन होना चाहिए लेकिन 1 ही दिन होता है ,और कई बार 15 दिन ही दुबारा आ जाता है ! और कई बार 2 महीने तक नहीं आता !

* मित्रो मासिक धर्म चक्र की अनियमिता की जितनी सभी समस्याएँ है इसकी हमारे आयुर्वेद मे बहुत ही अच्छी और लाभकारी ओषधि है वो है अशोक के पेड़ के पत्तों की चटनी !


* हाँ एक बात याद रखे आशोक का पेड़ दो तरह का है एक तो सीधा है बिलकुल लंबा ज़्यादातर लोग उसे ही अशोक समझते है जबकि वो नहीं है एक और होता है पूरा गोल होता है और फैला हुआ होता है वही असली अशोक का पेड़ है जिसकी छाया मे माता सीता ठहरी थी !

* तो आप इस असली अशोक के 5-6 पत्ते तोड़िए उसे पीस कर चटनी बनाओ अब इसे एक से डेढ़ गिलास पानी मे कुछ देर तक उबाले ! इतना उबाले की पानी आधा से पौन गिलास रह जाए ! फिर उसे बिलकुल ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिये और फिर उसको बिना छाने हुए पीये ! सबसे अच्छा है सुबह खाली पेट पीना ! कितने दिन तक पीना ?? 30 दिन तक लगातार पीना उससे मासिक धर्म (periods ) से सबन्धित सभी तरह की बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं ! ये सबसे अधिक अकेली बहुत ही लाभकारी दवा है ! जिसका नुकसान कोई नहीं है ! और अगर कुछ माताओ-बहनो को 30 दिन लेने से थोड़ा आराम ही मिलता है ज्यादा नहीं मिलता तो वो और अगले 30 दिन तक ले सकती है वैसे लगभग मात्र 30 दिन लेने से ही समस्या ठीक हो जाती है !

* ये तो हुई महवारी मे अनियमिता की बात ! अब बात करते पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द की. बहुत बार माताओ -बहनो को ऐसे समय मे बहुत अधिक शरीर मे अलग अलग जगह दर्द होता है कई बार कमड़,दर्द होना ,सिर दर्द होना ,पेट दर्द पीठ मे दर्द होना जंघों मे दर्द होना ,स्तनो मे दर्द,चक्कर आना ,नींद ना आना बेचैनी होना आदि तो ऐसे मे तेज pain killer लेने से बचे क्योंकि इनके बहुत अधिक side effects है , एक बीमारी ठीक करेंगे 10 साथ हो जाएगी और बहुत से pain killer तो विदेशो मे 20 वर्षो से ban है जो भारत मे बिकती है !

* तो आयुर्वेद मे भी इस तरह के दर्दों की तात्कालिक (instant relief ) दवाये है जिसका कोई side effect नहीं है ! तो पीरियडस के दौरान होने वाले दर्दों की सबसे अच्छी दवा है गाय का घी ,अर्थात देशी गाय का घी ! एक चम्मच देशी गाय का घी को एक गिलास गर्म पानी मे डालकर पीना ! पहले एक गिलास पानी खूब गर्म करना जैसे चाय के लिए गर्म करते है बिलकुल उबलता हुआ ! फिर उसमे एक चम्मच देशी गाय का घी डालना ,फिर ना मात्र सा ठंडा होने पर पीना ,चाय की तरह से बिलकुल घूट घूट करके पीना ! बिलकुल सिप सिप करके पीना है ! तात्कालिक (instant relief ) एक दम आराम आपको मिलेगा और ये लगातार 4 -5 दिन जितने दिन पीरियड्स रहते है पीना है उससे ज्यादा दिन नहीं पीना ! ये पीरियडस के दौरन होने वाले सब तरह के दर्दों के लिए instant relief देता है सामान्य रूप से होने वाले दर्दों के लिए अलग दवा है !

* एक बात जरूर याद रखे घी देशी गाय का ही होना चाहिए , विदेशी जर्सी,होलेस्टियन ,फिरिजियन भैंस का नहीं !! देशी गाय की पहचान है की उसकी पीठ गोल सा ,मोटा सा हम्प होता है !कोशिश करे घर के आस पास पता करे देशी गाय का ! उसका दूध लाकर खुद घी बना लीजिये ! बाजारो मे बिक रहे कंपनियो के घी पर भरोसा ना करें ! या भारत की सबसे बड़ी गौशाला जिसका नाम पथमेड़ा गौशाला है जो राजस्थान मे है यहाँ 2 लाख से ज्यादा देशी गाय है इनका घी खरीद लीजिये ये पूरा देशी गाय के दूध से ही बना है ! काफी बड़े शहरो मे उपलब्ध है !

*** अंत जब तक आपको जीवन मे आपको मासिक धर्म रहता है आप नियमित रूप से चूने का सेवन करें ... .!


गीला चूना  , जो पान वाले के पास से मिलता है कितना लेना है ....?

गेहूं के दाने जितना..... ! 

कैसे लेना है .....?

बढ़िया है की सुबह सुबह खाली पेट लेकर काम खत्म करे आधे से आधा गिलास पानी हल्का गर्म करे गेहूं के दाने के बराबर चूना  डाले चम्मच से हिलाये पी जाए.... ! 

इसके अतिरिक्त दही मे ,जूस मे से सकते है बस एक बात का ध्यान रखे कभी आपको पथरी की समस्या रही तो चूने  का सेवन ना करे..... ! 

ये चुना बहुत ही अच्छा है बहुत ही ज्यादा लाभकरी है मासिक धर्म मे होने वाली सब तरह की समस्याओ के लिए.... !

इसके अतिरिक्त आप जंक फूड खाने से बचे , नियमित सैर करे…

यौन शक्ति बढ़ाने के कुछ सरल घरेलू उपाय.....!




* इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।

आंवला:--


* 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

सेब:--


* एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।

अश्वगंधा:--


* अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

सोंठ:--


* 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।

अजवायन:--


* 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है

छुहारे:--


* चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

गाजर:--


* 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।

इमली:--


* आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।

कौंच का बीज:--


* 100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

चोबचीनी:--


* 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।

प्याज:--


* आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।

ढाक :--


* ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।

जायफल :--


* 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।

इलायची :--


* इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।

तुलसी:--


* 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

लहसुन:--


* 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

हल्दी :--


* वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

उड़द की दाल :--


* आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

शंखपुष्पी :--


* शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।

उंटगन के बीज :--


* 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।

गोखरू :--


* सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

बरगद :--


* सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

पीपल :--


* पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।

त्रिफला :--


* एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

सफेद मूसली :--


* सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।