मेथी दाना -250 ग्राम ,
अजवाइन-100 ग्राम ,
काली जीरी -50 ग्राम ।
कृपया ध्यान दीजिये यंहा काली जीरी लिखा है
जो आयुर्वेद की दूकान में करीबन 200
किलो मिलती है पाठक अपने मन से दवैका विश्लेषण
ना करावें
उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक
लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर
मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में
भर कर रख लें । रात को सोते समय 1/2 चम्मच पॉवडर एक
गिलास कुनकुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ
भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग ले
सकते हैं
फायदा पूर्ण रूप से 80-90 दिन में हो जायेगा ।
लाभ :-
इस चूर्ण को नित्य लेने से शरीर के कोने -कोने में
जमा पड़ी सभी गंदगी (कचरा )मल और पेशाब
द्वारा निकलजाता है ,फ़ालतू चर्बी गल जाती है ,
चमड़ी की झुर्रियां अपने आप दूर हो जाती है ,और शरीर
तेजस्वी और फुर्तीला होजाता है ।
अन्य लाभ इस प्रकार हैं ----------
1. गठिया जैसा ज़िद्दी रोग दूर हो जाताहै ।
2. शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को बढ़ाता है ।
3. पुरानी कब्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है
।
4. रक्त -संचार शरीर में ठीक से होने लगता है ,शरीर
की रक्त -नलिकाएं शुद्ध हो जाती हैं ,रक्त में सफाई और
शुद्धता की वृद्धि होती है ।
5. ह्रदय की कार्य क्षमता में
वृद्धिहोती है ,कोलेस्ट्रोलकम होता है ,जिस से हार्ट
अटैक का खतरा नहीं रहता |
6. हड्डियां मजबूत होती हैं ,कार्य करने
की शक्तिबढ़ती हैं ,स्मरण शक्ति में भी वृद्धि होतीहै ।
थकान नहीं होती है ।
7. आँखों का तेज़ बढ़ता है ,बहरापन दूर
होता है ,बालों का भी विकास होता है,दांत मजबूत
होते हैं ।
8. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिक दवाओं के साइड
-इफेक्ट्स से मुक्ति मिलतीहै ।
9. खाना भारी मात्रा में या ज्यादाखाने के बाद
भी पच जाता है (इसका मतलब येनहीं है कि आप जानबूझ
कर ज्यादा खा ले) ।
10. स्त्रियों का शरीर शादी के बाद बेडौल
नहीं होता ,शेप में रहता है ,,शादी के बाद होने
वाली तकलीफें दूर होती हैं ।
11. चमड़ी के रंग में निखार आता है ,चमड़ी सूख
जाना ,झुर्रियां पड़ना आदि चमड़ी के रोगों से शरीर
मुक्त रहता है ।
12. शरीर पानी ,हवा ,धूपऔर तापमान द्वारा होने
वाले रोगों से मुक्त रहता है
13. डाइबिटीज़ काबू में रहती है ,चाहें
तो इसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं।
14. कफ से मुक्ति मिलती है ,नपुंसकता दूर
होती है,,व्यक्ति का तेज़ इस से
बढ़ता है ,जल्दी बुढ़ापा नहीं आता ,। उम्र बढ़ जाती है |
15. कोई भी व्यक्ति ,किसी भी उम्र का हो ,इस चूर्ण
का सेवन कर सकता
है,मात्रा का ध्यान रखें ।
स्वास्थ्य वर्धक चूर्ण
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